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1 मार्च को मनाई जाएगी महाशिवरात्रि , वाराणसी में आज बाबा विश्वनाथ को लगेगी हल्दी

बाबा भोलेनाथ को प्रसन्न करने का दिन महाशिवरात्रि। महाशिवरात्रि का पर्व पूरे देश में 1 मार्च को मनाया जाएगा। तीर्थ नगरी, बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में दो दिन पहले से ही महाशिवरात्रि पर्व की शुरुआत हो जाती है। आज के दिन बाबा विश्वनाथ को हल्दी लगाई जाएगी। वाराणसी में शिवपुराधिपति बाबा विश्वनाथ का विवाह महाशिवरात्रि के दिन बड़े ही धूमधाम से पूरे रीति रिवाजों से साथ हर्षोल्लास के साथ मनाया जायेगा।

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भोलेनाथ के विवाह का ये कार्यक्रम आज से शुरू होगा। शादी के पहले होने वाली रीति रिवाजों के अनुसार आज रविवार को उन्हें शगुन की हल्दी महिलाओं द्वारा लगाई जाएगी। सभी कार्यक्रम टेढ़ीनीम स्थित श्री काशी विश्वनाथ के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के आवास पर होगा। बाबा विश्वनाथ के पंचबदन रजत विग्रह पर हल्दी तेल का अर्पण कर कार्यक्रम सम्पन्न किया जायेगा। परम्परा अनुसार हल्दी की रस्म पर महिलाएं गीत भी गाएंगी।

आज शाम 7 बजे से शुरु होगी हल्दी की रस्म
आज यानि रविवार 27 फरवरी को महंत आवास पर पूर्व लोक परम्परा का पालन किया जायेगा आज शाम करीब 7 बजे महिलाएं पूरे रीति-रिवाज के साथ हल्दी और तेल अर्पित करेंगी। इसके पूर्व बसंत पंचमी पर श्री काशी विश्वनाथ के तिलक रस्म को निभाया गया था। बाबा के विवाह समारोहों में स्थानीय कलाकार भी भक्ति गीत प्रस्तुत करेंगे।

इसमें प्रियंका पांडेय, रीता शर्मा सहित कई कलाकार भाग लेंगे और भक्ति गीत-संगीत प्रस्तुत करेंगे। नाच – गाने के साथ बाबा भोले नाथ की हल्दी बड़े धूम धाम और रीति-रिवाज से मनाया जायेगा। मांगलिक गीतों से महंत आवास गुंजायमान होगा। एक मार्च को पूरे वाराणसी में बम बम भोले के जयकारे लगाए जाएंगे। ढोल- मंजीरे के साथ बाबा भोले नाथ और माता पार्वती के मंगल जीवन की कामना की जाएगी। महिलाएं गीत गाकर दूल्हे बने बाबा भोलेनाथ की खूबियों का बखान करेंगी। गीतों के माध्यम से भोले बाबा से माता पार्वती का ध्यान रखने को कहा जायेगा।

विधि-विधान से सम्पन होगी हल्दी
डॉ. कुलपति तिवारी जी ने बताया कि जिन लड़कों और लड़कियों की शादी नहीं हो पाती है, उनकी शादी में काफी मुश्किलें आती हैं, ऐसे में उन्हें बाबा भोलेनाथ को हल्दी अर्पण करना चाहिए. इससे सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं और काफी लाभ मिलता है। हल्दी के बाद महाशिवरात्रि की महानिशा के चारों प्रहर में महंत परिवार बाबा विश्वनाथ की विधि-विधान से आरती करेंगे। महंत परिवार के सदस्यों की देख रेख में बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती के विवाह की रस्में सही तरीके से परंपरा के अनुसार संपन्न कराई जाएंगी।

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