Hindi English Marathi Gujarati Punjabi Urdu
Hindi English Marathi Gujarati Punjabi Urdu

गुरु पूर्णिमा पर भेजें ये खास संदेश, गुरुजनों से मिलेगा सफलता का आशीर्वाद

हर माह आने वाली पूर्णिमा का अपना अलग-अलग महत्व होता है। आषाढ़ माह की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था. इस दिन को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. बता दें कि वेद व्यास ने महाभारत और चारों वेदों की रचना की थी

- Advertisement -

बता दें आज के दिन वेद व्यास की पूजा का विधान है। साथ ही, इस दिन अपने गुरुओं की पूजा और उनके प्रति श्रद्धा अर्पित करने का दिन होता है। ज्योतिष शास्त्र इस दिन गुरुओं को प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा-अर्चना और आशीर्वाद पाने के लिए मंत्र जाप किया जाता है।

इस दिन दान का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान और स्नान से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। गुरू का हमारे जीवन में बड़ा महत्व होता है। कहते है गुरू के बिना ज्ञान नही, हमारी पहली गुरू हमारी मां होती है वैसे देखा जाये तो जिंदगी के हर कदम पर सिखते है। गुरू कोई एक इंसान नही है बल्कि हमें जिससे सिखने को मिलता है वो हमारा गुरू हो जाता है। गुरू वो होता है जो हमें जीना सीखा दें। हमें हमारी खुबियां बता दें, हमें हमारी कमियां बता दें जिससे हमें सुधारने का दिल करे। गुरु पूर्णिमा के दिन आप भी अपने गुरु को शुभकामना संदेश भेजकर बधाई दे सकते हैं।

 गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय
  गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय

इस दोहे में गुरु की महिमा का वर्णन किया गया है। वे कहते हैं कि जीवन में कभी ऐसा समय आ जाये की जब गुरु और गोविन्द एक साथ खड़े मिलें तब पहले किन्हें प्रणाम करना चाहिए। गुरु ने ही गोविन्द से हमारा परिचय कराया है इसलिए गुरु का स्थान गोविन्द से होता है।

 

 

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

The specified carousel is trashed.

इसे भी पढे ----

वोट जरूर करें

क्या आपको लगता है कि बॉलीवुड ड्रग्स केस में और भी कई बड़े सितारों के नाम सामने आएंगे?

View Results

Loading ... Loading ...

आज का राशिफल देखें