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Ayodhya: मेयर और विधायकों की मिली भगत से चल रहा अवैध प्लाटिंग और कालोनियों का धंधा, विकास प्राधिकरण ने जारी की लिस्ट

लखनऊ डेस्क

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केन्द्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों का प्रिय शहर अयोध्या (Ayodhya) में जमीन के धंधे के नाम पर जमकर अवैध खरीद-फरोख्त का सिलसिला जारी है। भू-माफिया, विकास प्राधिकरण, राजस्व, नजूल और तहसील के तगड़े काकस के सहारे अवैध प्लाटिंग से लेकर अवैध कालोनियां तक बसाने का सुनियोजित खेल खेला जा रहा है। यह हाल तब है जब प्रदेश सरकार ने हर विभाग में पारदर्शी व्यवस्था का आदेश दे रखा है। इसके बाद भी जमीन के अरबों-खरबों के धंधे का सुनियोजित खेल खुलेआम खेला जा रहा है।

एक अनुमान के अनुसार, दोनों नगरों में मिला कर प्रापर्टी डीलरों की संख्या लगभग 40 है। इनमें से एक का भी रेरा में रजिस्ट्रेशन नहीं है। बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी प्रापर्टी डीलिंग का काम नहीं कर सकता है। सब प्रापर्टी डीलर अपंजीकृत हैं। इन्हीं प्रापर्टी डीलरों ने सुनियोजित ढंग से प्राधिकरण से मिलीभगत कर शहर के चारों ओर लगभग 30 से अधिक छोटी बड़ी कालोनियां बसा दी जिनका प्राधिकरण में कोई रेकार्ड ही नहीं है। इन प्रापर्टी डीलरों ने प्राधिकरण से न तो ले-आऊट पास कराया न प्राधिकरण इसे देखने तक गया। यह सब खेल प्राधिकरण के अधीन क्षेत्र में हुआ और अभी भी चल रहा है। गठजोड़ के कारण ही आज तक एक भी प्रापर्टी डीलर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, अगर कुछ हुआ भी तो नोटिस का नाटक हुआ है।

बता दे कि देवकाली इलाके में बनी एक कालोनी में 80 मकान ऐसे हैं जिनका नक्शा तक प्राधिकरण से पास नहीं है। इसी कालोनी में एक बड़े प्रापर्टी डीलर का तिमंजिला मकान भी शामिल है। इधर चार पांच सालों में डूब क्षेत्र में बनाई गई कालोनियां पूरी तरह से अवैध हैं। वह भी प्राधिकरण की शह पर विकसित हो गईं जिन्हें लेकर अब प्राधिकरण घड़ियाली आंसू बहा रहा है।

अयोध्या-फैजाबाद दोनों शहरों में चल रहे जमीनों के खेल में भू- माफिया, अयोध्या विकास प्राधिकरण, तहसील, राजस्व और नजूल विभाग शामिल हैं। बताया जाता है कि इन विभागों के अफसर से लेकर कर्मचारी तक इस कारनामे का हिस्सा है। बताया जा रहा है कि जब से अयोध्या सांसद लल्लू सिंह (Lallu Singh) ने एसआईटी जांच की मांग को लेकर सीएम (CM) को पत्र लिखा है तब से हडकंप मचा है।

एसआईटी (SIT) जांच हुई तो इन विभागों के बड़े अफसर, कर्मचारी यहां तक कि कई सफेदपोश नेता भी बेनकाब होगें। इस गठजोड़ ने जमीनों के खरीद–फरोख्त और अवैध प्लाटिंग में सरकार को अरबों रुपये के राजस्व का चूना लगाया है। यही कारण है कि अपनी गर्दन बचाने के लिए सभी जुगाड़ में लगें हुए हैं।

वहीं विकास प्राधिकरण ने जारी की जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त करने वालों के नाम। 40 लोगों की इस लिस्ट में अयोध्या के भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता (Ved Prakash Gupta), मिल्कीपुर विधानसभा की पूर्व भाजपा विधायक गोरखनाथ बाबा (Gorakhnath Baba), अयोध्या के भाजपा मेयर ऋषिकेश उपाध्याय (Rishikesh Upadhyay) के भी नाम शामिल हैं।

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