Hindi English Marathi Gujarati Punjabi Urdu
Hindi English Marathi Gujarati Punjabi Urdu

एक देश-एक चुनाव पर राष्ट्रपति को मिली कोविंद पैनल की रिपोर्ट, 2029 से एक साथ हो सकते हैं चुनाव

लोकसभा चुनावों से ठीक पहले एक और बड़ी खबर सामने आ गई है। एक देश एक चुनाव को लेकर यह बहुत बड़ी खबर है। लोकसभा और राज्यों की विधानसभा के साथ ही निकायों के एक साथ चुनाव कराने के मुद्दे पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति ने आज ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों के हवाले से यह खबर भी सामने आ रही है कि 2029 से देश के सभी चुनाव एक साथ हो सकते हैं। आखिर क्या है एक राष्ट्र एक चुनाव और इसे लेकर मोदी सरकार इतनी गंभीर क्यों है चलिए विस्तार से बताते हैं।

- Advertisement -

रामनाथ कोविंद की अगुवाई वाली समिति ने राष्ट्रपति भवन में द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट 18,626 पन्नों की है। इसमें पिछले 191 दिनों के हितधारकों, विशेषज्ञों और अनुसंधान कार्य के साथ व्यापक परामर्श का नतीजा शामिल है।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रिपोर्ट में 1951-52 और 1967 के बीच तीन चुनावों के डाटा का इस्तेमाल किया गया है। यहां यह तर्क दिया गया है कि एक पहले की तरह अब भी एक साथ चुनाव करना संभव है। बताया गया कि एक साथ चुनाव कराना तब बंद हो गया था जब कुछ राज्य सरकारें अपना कार्यकाल पूरा करने से पहले ही गिर गई थीं या उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था, जिससे नए सिरे से चुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी।

‘एक देश, एक चुनाव’ वाली यह समिति देश में एक साथ चुनाव कराने के लिए संविधान के अंतिम पांच अनुच्छेदों में संशोधन की सिफारिश कर सकती है। हालांकि जब इस समिति का गठन किया गया था तब विपक्षी गठबंधन ने इस फैसले को देश के संघीय ढांचे के लिए ‘खतरा’ करार दिया था। इसका मतलब यह है कि अगर इस सिफारिश को लेकर चीजें आगे बढ़ती हैं तो एक बार फिर हंगामा होना तय है।

हालांकि पहले भी देश में सभी चुनाव एक साथ कराए जा चुके हैं और इसी तर्क के आधार पर माना जा रहा है कि शायद इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए इसे आगे बढ़ाने की कोशिश शुरू हो। वैसे भी मोदी सरकार एक राष्ट्र एक चुनाव के पक्ष में है। इस समिति के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर कुछ मीडिया संस्थानों के साथ इस बात की पुष्टि की है कि समिति 2029 में एक साथ चुनाव कराने का सुझाव देगी। समिति के इस सदस्य ने यह भी कहा कि उनका यह भी मानना है कि समिति की सभी सिफारिशें सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध होनी चाहिए, लेकिन यह सरकार पर निर्भर है कि वह उन्हें स्वीकार या अस्वीकार करे। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस समिति की इस रिपोर्ट पर विपक्ष का क्या रुख रहता है, फिलहाल आपको क्या लगता है कि एक राष्ट्र एक चुनाव सही है या फिर अलग अलग ही चुनाव होने चाहिए, कमेंट में जरूर  बताएं।

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

इसे भी पढे ----

वोट जरूर करें

क्या आपको लगता है कि बॉलीवुड ड्रग्स केस में और भी कई बड़े सितारों के नाम सामने आएंगे?

View Results

Loading ... Loading ...

आज का राशिफल देखें