Hindi English Marathi Gujarati Punjabi Urdu
Hindi English Marathi Gujarati Punjabi Urdu

गोरखपुर का गैंगस्टर , जिसने 25 साल की उम्र में यूपी के सीएम को मरने की ली थी सुपारी

Gangster Shriprakash Shukla: यूपी का सबसे खतरनाक और बेरहम गैंगस्टर, वो गैंगस्टर जो जब तक जिंदा रहा उसके नाम से खुद खाकी भी खौफ में थी। पुलिस के लिए चुनौती का सबसे बड़ा नाम बन गया था ये गैंगस्टर। सिर्फ 25 साल की उम्र में उसने अपराध का वो खौफनाक चेहरा दिखाया था जिससे बड़े-बड़े उद्योगपति, नेता और पुलिस वाले अंदर तक दहशत से भर गए थे। अपराध की दुनिया से जुड़ी कहानियों की इस सीरीज की शुरुआत आज इसी गैंगस्टर की कहानी के साथ, नाम है श्रीप्रकाश शुक्ला। तो चलिए अपराध की दुनिया के इस सबसे बड़े अपराधी की पूरी कुंडली आज जान लीजिए।

- Advertisement -

 

वो कहते हैं ना कि यूं ही कोई बेवफा नहीं होता, कुछ तो मजबूरियां रही होंगी। तो अपराधी भी कोई यूं नहीं होता, कुछ हालात ऐसे होते हैं जो अपराधी बना देते हैं। श्रीप्रकाश शुक्ला भी उस हालात के बाद ही अपराधी बना। श्रीप्रकाश शुक्ल की गैंगस्टर बनने की ये कहानी साल 1993 से शुरू हुई, जब श्रीप्रकाश शुक्ला की बहन के साथ छेड़खानी की घटना हुई। छेड़खानी करने वाले शख्स की श्रीप्रकाश ने बीच बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी और इस तरह से महज 20 साल की उम्र में अपने पहले अपराध के साथ शुक्ला की क्राइम की दुनिया में एंट्री हुई। इस घटना के बाद वो बैंकॉक भाग गया।

 

बैंकॉक से लौटने के बाद शुक्ला और खतरनाक हो चुका था। यहां आते ही वो बिहार के मोकामा के चर्चित गुंडे और कभी निर्दलीय विधायक चुने जाने वाले सूरजभान सिंह की गैंग में शामिल हो गया। धीरे-धीरे वो अपराध की दुनिया में अपना नाम बनाने लगा। 22 साल की उम्र में रेलवे के ठेके में श्रीप्रकाश शुक्ला ने एंट्री मारी। इस खेल में उसे बिहार के माफिया सूरजभान दादा का सहयोग मिलता रहा। श्रीप्रकाश और माफिया सूरजभान दादा की जोड़ी ने बाहुबली वीरेंद्र प्रताप शाही और बाहुबली हरिशंकर तिवारी के साम्राज्य को बहुत चोट पहुंचाई। वह राजनेताओं और व्यापारियों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन गया।

 

ऐसे में अब पुलिस पर भी शुक्ला पर कार्रवाई करने का दबाव बढ़ने लगा। हर रोज अखबारों में माफिया श्रीप्रकाश का नाम छपने लगा। बिहार और यूपी दोनों ही राज्यों में छोटे बदमाशों से हत्या, रंगदारी, कमीशनखोरी जैसे काम कराकर माफिया श्रीप्रकाश शुक्ला तेजी से यूपी और बिहार में अपराध की दुनिया का सबसे बड़ा नाम बन गया।

 

साल 1997 में बाहुबली राजनेता वीरेंद्र शाही को गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला ने दिनदहाड़े मौत के घाट उतार दिया था। यही नहीं उसने 13 जून 1998 को पटना स्थित इंदिरा गांधी हॉस्पिटल के बाहर बिहार सरकार के तत्कालीन मंत्री बृज बिहारी प्रसाद को उनके सुरक्षाकर्मियों के सामने ही गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना में एके-47 राइफल हुआ था। कहा जाता है कि श्रीप्रकाश शुक्ला ही देश का वह पहला अपराधी था जिसने एके-47 का इस्तेमाल किया था।

 

श्रीप्रकाश शुक्ला अब किसी के रोके रुकने वाला नहीं था। अब वो अपराध की दुनिया का सबसे बड़ा खेल खेलने जा रहा था। लेकिन यहीं से उसके अंत की शुरुआत भी हो गई। उसने सीधे यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को मारने की सुपारी ले ली। ये खबर यूपी पुलिस के लिए बम गिरने जैसी थी। जैसे ही इसकी भनक तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को लगी तो उन्होंने माफिया श्रीप्रकाश शुक्ला के मंसूबों और अस्तित्व को खत्म करने के लिए एसटीएफ का गठन करके निर्देश दिया।

 

पहली बार किसी गैंगस्टर को मारने के लिए यूपी में एसटीएफ का गठन हुआ। 4 मई 1998 को यूपी पुलिस के तत्कालीन एडीजी अजय राज शर्मा ने पुलिस के बेहतरीन 50 जवानों को चुनकर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) बनाया। इस फोर्स का पहला टास्क श्रीप्रकाश शुक्ला को जिंदा या मुर्दा पकड़ना था।

 

फिर अब वो दिन आ गया था जब श्रीप्रकाश की कहानी को खत्म होना था। 1998 में 23 सितंबर के दिन एसटीएफ के प्रभारी अरुण कुमार को जानकारी मिली थी कि श्रीप्रकाश शुक्ला दिल्ली से गाजियाबाद की ओर आ रहा है फिर क्या जैसे ही उसकी कार वसुंधरा एन्क्लेव को पार करके आगे बढ़ी यूपी एसटीएफ की टीम ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। उस वक्त माफिया को जरा भी शक नहीं हुआ था कि उसके पीछे एसटीएफ है। जैसे ही उसकी कार सुनसान इलाके में पहुंची एसटीएफ की टीम ने अचानक उसकी कार को ओवरटेक कर उसका रास्ता रोक दिया। पुलिस ने उसे सरेंडर करने को कहा लेकिन उसने नहीं माना और फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।

 

 

पुलिस ने खुद बताया था कि श्रीप्रकाश शुक्ला की गर्लफ्रेंड की जानकारी पर ही उसका लोकेशन मिला और फिर पुलिस उसे  मारने में कामयाब हुई। तो इस तरह अपनी ही गर्लफ्रेंड के कारण यूपी का ये सबसे बड़ा गैंगस्टर मौत के घाट उतर चुका था। माफिया श्रीप्रकाश की ये कहानी कैसी लगी, कमेंट में जरूर बताएं। मिलते हैं अगले वीडियो में किसी और गैंगस्टर की कहानी के साथ, देखते रहिए लाइव यूपी न्यूज 24

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

The specified carousel is trashed.

इसे भी पढे ----

वोट जरूर करें

क्या आपको लगता है कि बॉलीवुड ड्रग्स केस में और भी कई बड़े सितारों के नाम सामने आएंगे?

View Results

Loading ... Loading ...

आज का राशिफल देखें