Hindi English Marathi Gujarati Punjabi Urdu
Hindi English Marathi Gujarati Punjabi Urdu

डीएम की हत्या के दोषी बिहार के बाहुबली आनंद मोहन आए जेल से बाहर, हाईकोर्ट में रिहाई को दी गई चुनौती

बिहार के गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी (DM) जी. कृष्णैया की मॉब लिंचिंग कराने के दोषी बाहुबली पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह अब जेल से बाहर आ गए हैं। उन्हें बिहार के सहरसा जेल से गुरुवार सुबह 6:15 बजे रिहा कर दिया गया। समर्थकों की भीड़ और विधि व्यवस्था को देखते हुए आनंद मोहन को सुबह जल्दी रिहा किया गया।

- Advertisement -

 

इस रिहाई पर दिवंगत IAS कृष्णैया की पत्नी उमा देवी इस रिहाई पर दु:ख जता चुकी हैं। रिहाई के एक दिन पहले पटना हाईकोर्ट में इसके खिलाफ जनहित याचिका भी दायर की गई है। अब इस रिहाई के साथ ही बिहार में राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है।

 

आनंद मोहन के साथ कुल 27 को छोड़ने का नोटफिकेशन जारी हुआ था। इनमें से एक की मौत पहले ही हो चुकी है। शेष 26 को छोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई और आनंद मोहन के पहले ही बहुत सारे छूट भी गए। कुछ तकनीकी कारणों से अभी रिहा नहीं हो सके हैं या उनकी रिहाई में वक्त भी लग सकता है। जहां तक जातीय समीकरण की बात है तो छोड़े जा रहे इन 27 में 8 यादव, 5 मुस्लिम, 4 राजपूत, 3 भूमिहार, 2 कोयरी, एक कुर्मी, एक गंगोता और एक नोनिया जाति से हैं।

 

जातीय जनगणना की प्रक्रिया के बीच इनकी जातियों की चर्चा भी गरम है, फिर भी काफी प्रयास के बावजूद 27 जेल से रिहा होने वालों में 2 की जाति का पता नहीं चल सका है। सत्तासीन जाति के हिसाब से इनकी संख्या का गणित आप खुद समझें तो बेहतर।

 

इस बीच जी कृष्णैया की पत्नी और बेटी पद्मा ने फिर से विरोध किया है। दोनों ने एक स्वर में कहा कि आनंद मोहन का छूटना हमारे लिए दुख की बात है। बिहार सरकार के इस फैसले के खिलाफ हमलोग अपील करेंगे। वहीं आंध्र प्रदेश के IAS एसोसिएशन ने भी आनंद मोहन की रिहाई पर आपत्ति जताई है और बिहार सरकार से रिहाई के फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है।

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

The specified carousel is trashed.

इसे भी पढे ----

वोट जरूर करें

क्या आपको लगता है कि बॉलीवुड ड्रग्स केस में और भी कई बड़े सितारों के नाम सामने आएंगे?

View Results

Loading ... Loading ...

आज का राशिफल देखें