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मलेरिया होने के कारण, लक्षण एवं बचाव, जाने इससे संबंधित मिथ एवं फैक्ट।

मलेरिया एक ऐसा रोग है जिसमें रोगी को सर्दी और सरदर्द के साथ बार-बार बुखार आता है। इसके साथ ही इसमें बुखार कभी कम तो कभी अचानक बढ़ जाता है। बुखार बार-बार आता जाता रहता है। यह एक गंभीर बिमारी है। सही समय पर इलाज न मिलने पर बिमारी गंभीर हो जाती है। गंभीर मामलों में रोगी कोमा में जा सकता है तथा उसकी मौत भी हो सकती है। आज हम इसी बिमारी पर चर्चा करेंगे।

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यह प्लाज्मोडियम परजीवी के कारण होने वाली एक स्वास्थ्य स्थिति है। जो संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छरों से मच्छरों के काटने से मनुष्यों में फैलती है। मलेरिया पाँच परजीवी प्रजातियों के कारण होता है। जिनमें से दो पी. फाल्सीपेरम और पी. विवैक्स- मनुष्य के लिए सबसे खतरनाक हैं। मलेरिया परजीवी प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम अफ्रीकी महाद्वीप में सबसे घातक और सबसे आम है। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया भर में मलेरिया रोगियों का 3% हिस्सा शेयर करता है। जिसके परिणामस्वरूप प्रति वर्ष 2 मिलियन पुष्ट मामले सामने आते हैं। मलेरिया के अनुबंध के जोखिम को कम करने के लिए यात्रा से पहले, दौरान और बाद में दवाएं लेने की आवश्यकता हो सकती है।

मलेरिया के लक्षण

आमतौर पर संक्रमण के 10 से 4 सप्ताह बाद दिखाई देते हैं। कुछ परिस्थितियों में कई महीनों तक लक्षण प्रकट नहीं हो सकते हैं। मलेरिया निम्नलिखित लक्षण पैदा कर सकता है:

  • हल्की ठण्ड से लेकर अधिक ठण्ड लगने के साथ बुखार आना।
  • सिरदर्द एवं मतली महसूस होना।
  • बुखार का लगातार घटना बढ़ना।
  • उल्टी, पेटदर्द एवं रक्ताल्पता।
  • मांसपेशियों में दर्द होना, विपुल पसीना होना।
  • दस्त के साथ मल से खून आना।
  • बेहोशी आना या गंभीर मामलों में कोमा

मलेरिया से बचाव

इसके लिए सबसे कारगर उपाय है बिमारी के प्रति जागरूकता। रोजाना मच्छरदानी का प्रयोग करें। आसपास साफ-सफाई रखें। पानी को इकठ्ठा होने से रोके। कूलर, टंकी आदि में भरने वाले पानी की समय समय पर सफाई करें। यात्रा करने से पहले, पता करें कि कहीं आपको मलेरिया होने का खतरा तो नहीं है। मच्छर बढ़ने पर कीट विकर्षक का प्रयोग करें, अपने हाथों और पैरों को ढकें। सबसे जरुरी बात कि यदि मलेरिया के लक्षण महसूस हों तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।

मलेरिया से जुड़े Myths के facts को जानें।

Myths: मलेरिया किसी भी मच्छर के काटने से होता है।
Facts: मलेरिया एक विशिष्ट प्रकार के मच्छर के कारण होता है। सभी मच्छरों में मलेरिया पैरासाइट नहीं होता है।

Myths: मलेरिया एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है।
Facts: मलेरिया सर्दी या फ्लू की तरह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है।

Myths: मलेरिया कोई गंभीर बीमारी नहीं है।
Facts: मलेरिया एक बहुत ही गंभीर और संभावित घातक बीमारी हो सकती है, खासकर छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यून वाले लोगों में।

Myths: मलेरिया को एंटीबायोटिक्स से ठीक किया जा सकता है।
Facts: इसका इलाज मलेरिया-रोधी दवाओं से किया जा सकता है, लेकिन जटिलताओं को रोकने के लिए उपचार शीघ्र और प्रभावी होना चाहिए।

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