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मां-बाप देते थे छोटे बेटे जैसे बनने का ताना, रात में उतार दिया मौत के घाट, दादी को भी नहीं छोड़ा, हैवान बेटे की पूरी कहानी

चंद पैसों के लिए अपने ही माँ बाप और दादी को उतार दिया मौत के घाट। आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक बेटा बन गया अपने ही मां-बाप का सबसे बड़ा दुश्मन? आखिर एक बेटा इतना बेरहम कैसे बन गया कि मां-बाप का कत्ल करते हुए उसके हाथ तक नहीं कांपे? ये कहानी आपको अंदर तक हिलाकर रख देगी। रिश्तों से विश्वास उठाती ये कहानी इतनी दर्दनाक है कि जो भी इसे सुन रहा है, वह भीतर तक पसीज जा रहा है। चलिए आपको जुर्म की इस खौफनाक कहानी के बारे में विस्तार से बताते हैं।

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यह वारदात हुई है छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में। जिले के सरायपाली ब्लॉक के ग्राम पुटका में रहने वाले प्रभात भोई हायर सेकेंडरी स्कूल पैकिन के प्रिंसिपल थे। वे अपनी माँ, पत्नी और बेटे के साथ इस घर में रहते थे। घर में कुल 5 सदस्य हैं। बड़ा बेटा उदित और छोटा बेटा अमित। छोटा बेटा रायपुर में एमबीबीएस कर रहा है।

 

बड़ा बेटा उदित पढ़ने लिखने में अच्छा नहीं था। यही वजह है कि माता-पिता उसे छोटे बेटे का उदाहरण देते रहते थे और कहते थे कि देखो तुम्हारा भाई एमबीबीएस कर रहा है और तुम कुछ नहीं कर रहे। इसे लेकर अक्सर उसे ताने सुनने पड़ते थे।

 

12 मई को बड़े बेटे उदित ने अपने माता पिता के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी । उसने बताया था कि 8 मई को तीनों इलाज कराने के लिए रायपुर गए थे। वहां से अभी तक वापस नहीं आए हैं। जब छोटे बेटे तक ये ख़बर गयी तब वह पहले अपने चाचा के पास गया ताकि मामले की जानकारी ले सके। इसके बाद वह अपने घर गया जहां उसे ताला दिखा चाभी उसके पास थी नहीं। चाभी उदित के पास थी जो कुछ दिनों से गायब था और वो किसी के भी संपर्क में नहीं था ।

फिर अमित ने घर के पीछे लॉन से घर में जाने की कोशिश की जब वो दीवार कूदकर अंदर पहुंचा तो सामने का दृश्य देख कर हैरान रह गया। लॉन की घास का एक बड़ा हिस्सा जला हुआ था और वहां हड्डियों के कुछ टुकड़े पड़े हुए थे। ये सब देखने के बाद वो घर में गया जहां उसे खून के छींटे दिखे। अब तो वह किसी अनहोनी के डर से कांपने लगा था। उसने आसपास के लोगों से पूछताछ की।

 

इस बीच कुछ लोगों ने बताया कि उसका बड़ा भाई पिछले कई दिनों से घर में कीमती सामान ला रहा था। उसकी अय्याशी के किस्से भी पड़ोसियों ने छोटे भाई को बताए। पड़ोसियों से जानकारी लेने के बाद छोटा भाई सीधे पुलिस स्टेशन पहुंचा और मामले की शिकायत की। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने सबसे पहले आरोपी बेटे को दबोचा।

 

कड़ी पूछताछ हुई तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया और जैसे ही उसने अपने जुर्म की कहानी बताई पुलिस भी हैरान रह गई। उदित ने बताया कि 7 मई की रात करीब 3 बजे जब तीनों सोए हुए थे तो उसने हॉकी स्टिक से तीनों के सिर पर ताबड़तोड़ वार करके उन्हें मार डाला।

उदित ने कहा कि उसने ये सब इसलिए किया क्योंकि वह मा-बाप के तानों से परेशान था और उसे नशे की लत भी लग गई थी, जिसके लिए उसे पैसे चाहिए थे। उसने कहा कि जब पैसों की मांग माता-पिता से की तो उसे पीटा गया और उसे भूखे पेट कई रातें बीतानी पड़ी।

एक रात उस पर हैवानियत सवार हुई और उसने नींद में सोए हुए माता-पिता और दादी को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद शवों को ठिकाने लगाने की तैयारी शुरू किया। पहले फिनाइल से पूरा घर साफ कर दिया, फिर अगले 3 दिन तक धीरे-धीरे तीनों की लाश पर सैनिटाइजर डालकर उन्हें जलाता रहा।

 

जुर्म की इस कहानी में आज के लिए इतना ही। ये कहानियां इसलिए भी जरूरी हैं ताकि आप रहिए सजग और सुरक्षित। तो आज के लिए मुझे दीजिए इजाजत, कल किसी और कहानी के साथ मिलूंगी। गुड नाइट, शुभ रात्रि, शब्बा खैर

 

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