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Umesh Pal Murder Case: जेल में ऐसे चलती थी अशरफ की दादागिरी, जहां से निकलता था, हटवा दिए जाते थे CCTV कैमरे

उमेश पाल हत्याकांड में एसआईटी की जांच में बरेली जिला जेल (सेंट्रल जेल-2) में हुए खेल की परतें खुल रही हैं। पता लगा है कि अशरफ की जेल में खूब दादागिरी चलती थी। आलम यह था कि अशरफ जहां से भी निकलता था, वहां की सीसीटीवी कैमरे हटवा दिए जाते थे। जेल प्रशासन ने उन सभी जगह से कैमरे हटवा रखे थे, जहां वह टहलता था। जांच में मामला खुलने के बाद वहां दोबारा कैमरे लगाए गए हैं।

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उमेश पाल हत्याकांड में अशरफ के नामजद होने के बाद जेल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगा था। डीआईजी जेल ने जांच के बाद जेलर और डिप्टी जेलर समेत सात लोगों को निलंबित कर दिया था। अब एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि जेल के जिस हिस्से में अशरफ घूमता था, जेल अधिकारियों ने वहां से सीसीटीवी कैमरे ही हटवा दिए थे।

 

जेल स्टाफ की मेहरबानी से अशरफ अपने अहाते के बाहर भी टहलता था और दूसरे बंदियों से मुलाकात करता था। अब अन्य जेल स्टाफ पर भी केस में नामजदगी और गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। विधायक रह चुका अशरफ जेल में भी पूरी ठसक के साथ रह रहा था। रसूख दिखाने के लिए अक्सर जेल में नवरात्रि और रमजान पर बंदियों के लिए वह विशेष इंतजाम कराता था।

 

कई बार जेल कैंटीन के जरिये पकवान तैयार कराए जाते थे तो कई बार दयाराम के लोडर टेंपो में भरकर खाने-पीने का सामान आता था। इसलिए जेल में आने वाला हर बंदी उससे मुलाकात और बात करना चाहता था। अशरफ का रसूख देखकर ही लल्ला गद्दी सद्दाम की मदद करने लगा था।

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