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Havana Syndrome: क्या है रहस्यमयी बिमारी..? अब भारत भी करा रहा जिसकी जांच..!

Havana syndrome: भारत में अब हवाना सिंड्रोम को लेकर जांच होने जा रही है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने भारत सरकार को इससे संबंधित जांच के निर्देश दिए हैं। लेकिन आखिर है क्या ये हवाना सिंड्रोम (Havana Syndrome)..? और यह किसे और कैसे निशाना बना रहा है..? ऐसे ही कई सवाल है जो इस सिंड्रोम का नाम आते ही लोगों के ज़हन में आ रहे हैं। हवाना सिंड्रोम एक रहस्यमयी बीमारी है जो ज्यादातर अमेरिकी सरकारी अधिकारियों और सैन्य कर्मियों के द्बारा विदेशों में अनुभव की जा रही है। लेकिन अब इसे दुनिया के अलग-अलग देशों में भी अमेरिकी अधिकारियों द्वारा महसूस किया जा रहा है।

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क्या है हवाना सिंड्रोम…?

हवाना सिंड्रोम (Havana Syndrome) एक रहस्यमयी बिमारी है। इस बिमारी में इंसान को अजीबो गरीब आवाजें सुनाई देती हैं। जो लोगों के दिमाग पर इतना गहरा असर डालती हैं कि उन्हें घबराहट, थकान, चक्कर जैसे कई लक्षण महसूस होते हैं। जो लक्षण रिपोर्ट हुए उनमें पीड़ितों ने बताया कि उन्हें अजीब सी आवाजें सुनाई दी। जिसमें उन्हें अजीब सी झंझरी जैसी आवाज सुनाई दी। जिसके बाद उन्हें सर में अजीब सा दबाव और कंपन की अनुभूति हुई। आपको बता दें कि, कैरेबियन में एक छोटा सा देश है क्यूबा जिसकी राजधानी का नाम है हवाना। यहीं पहली बार 2016 में अमेरिकी और कनाडाई दूतावास के कर्मचारियों ने इस बिमारी के लक्षणों को रिपोर्ट किया था।

बता दें कि हवाना के मेलकॉन जगह के पास अमेरिकी दूतावास की छह मंजिला इमारत है। सबसे पहले हवाना सिंड्रोम (Havana Syndrome) का मामला यहीं से सामने आया था। इसकी जानकारी तब सामने आयी जब 30 दिसम्बर, 2016 को खुफिया विभाग का एक अधिकारी दूतावास के हेल्थ ऑफिस पहुंचा। वहां उसने नर्स को जानकारी दी कि बीती रात उसने अपने घर पर कई अजीब आवाजों को सुना। इन आवाजों से उसे साउंड संसेशन्स महसूस हुए, जिससे उसे अपने सर में लगातार भारी पन महसूस हुआ। इसके बाद उसे तेज सर दर्द और चक्कर आने की दिक्कत होने लगी।

चक्कर आने, मेमोरी लॉस, दिमागी असंतुलन, जैसे लक्षणों को रिपोर्ट किया

इसके बाद साल 2017 में CIA के एक अधिकारी को भी इसी तरह की दिक्कत महसूस हुई। इसके बाद धीरे-धीरे एम्बेसी स्थित CIA के लगभग सभी अधिकारियों ने इस सिंड्रोम (Havana Syndrome) के लक्षणों को महसूस किया। इसके लक्षण लगभग सभी अधिकारियों में एक जैसे ही पाए गए। पीड़ित अधिकारियों ने चक्कर आने, मेमोरी लॉस, दिमागी संतुलन बिगड़ने, थकान महसूस करने, तेज सर दर्द और घबराहट जैसे लक्षणों को रिपोर्ट किया था। कुछ अधिकारियों ने बताया कि उनको ऐसा महसूस हुआ जैसे उनके सर के अंदर बमबारी कर दी गयी हो। उन्हें अपने सर में असहनीय दर्द महसूस किया। इसके चलते कई अधिकारियों को एक्टिव सर्विस छोड़नी पड़ी। शरुआती दौर में इस सिंड्रोम को केवल CIA एजेंट्स द्वारा महसूस किया गया। लेकिन इसके बाद इसे कोई अमेरिकी डिप्लोमेट ने भी महसूस किया गया।

दुनियाभर में 130 से ज्यादा, ऐसी घटनाओं की सूचना दी गयी। 

इसके बाद 2018 की शुरुआत में ही चीन में रह रहे अमेरिकी राजनयिकों ने भी इस तरह की शिकायतें की। 2019 -20 तक अमेरिका से ही इस प्रकार के लक्षणों की शिकायतें सामने आने लगी। इसके बाद अलग-अलग कई देशों में इस तरह के लक्षण अमेरिकी खूफिया अधिकारियों और राजनयिकों व उनके परिवार के सदस्यों द्वारा रिपोर्ट की गयी। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ पिछले कुछ सालों में US अधिकारियों ने दुनियाभर में 130 से ज्यादा ऐसी घटनाओं की सूचना दी है। हैरानी की बात ये है कि इस सिंड्रोम (Havana Syndrome) की चपेट में आये लोगों में ब्रेन इंजरी का तो पता चला, लेकिन इसके कारण का पता नहीं चल पाया। मतलब ब्रेन में चोट का पता चला जिसका असर भी सामने आया लेकिन कारण का पता नहीं चल पा रहा। ज्यादातर पीड़ितों को यह सिंड्रोम रात के समय तब महसूस किया जब वे अपने घर पर थे।

भारत में पहला मामला 2021 में सामने आया।

जुलाई 2023 तक भारत में हवाना सिंड्रोम का केवल एक मामला दर्ज किया गया है। भारत में पहला मामला 2021 में सामने आया था। जब अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी के निदेशक विलियम बर्न्स दिल्ली के दौरे पर थे। इस दौरान दौरे पर आये एक अमेरिकी अधिकारी ने हवाना सिंड्रोम के लक्षणों की जानकारी भारतीय डॉक्टरों को दी थी। जिसके बाद भारतीय सुरक्षा एजेन्सी ने सफाई देते हुए कहा था कि इस तरह के किसी हथियार की उनको जानकारी नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि आज के समय में अमेरिका भारत का सबसे अच्छा दोस्त है। ऐसे में भारत अमेरिका पर किसी भी तरह का हमला नहीं करेगा।

कोर्ट ने केंद्र सरकार को तीन महीने के अंदर दिए जांच के निर्देश। 

अब भारत में इस हवाना सिंड्रोम की जांच होने वाली है। बेंगलुरु के रहने वाले एक शख्स ने कर्नाटक हाईकोर्ट इस सिन्ड्रोम की जांच के लिए एक याचिका दायर की है। इस याचिका में देश में इसकी रोकथाम को लेकर इनक्वायरी की मांग की गई है। इसके बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार को तीन महीने के अंदर देश में इस सिंड्रोम की संभावनाओं की जांच के निर्देश दिए हैं।

क्या है इस सिंड्रोम कारण..?

अभी तक इसके लक्षणों और कारणों का पता नहीं लगाया जा सका है। लेकिन हवाना सिंड्रोम को लेकर यह शक जताया जा रहा है कि ये हाईपावर माइक्रोवेव किरणों से हो रहा है। जिन्हे किसी स्पेशल गैजेट के जरिये भेजा जा रहा है। अमेरिकी विशेषज्ञ इसे ‘माइक्रोवेव हथियार’ बता रहे हैं। हालांकि अभी उनके पास इसके कोई भी पुख्ता सबूत नहीं हैं। अभी तक इससे संबंधित कोई भी पुख्ता जानकारी सामने नहीं आ पायी है। कोई भी नहीं जानता कि यह कोई हथियार है या कुछ और, या यह किस तरह से काम करता है। कुछ अमेरिकी विशेषज्ञों ने इसे मनोवैज्ञानिक बिमारी भी बताया है।

 

 

 

 

 

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